“पन्द्रह अगस्त”
आज देश में लगा हुआ है आज़ादी का मेला
आसमान को चूम रहा, झंडा एक अकेला ।
पापा कहते अंग्रेजों से आज मिली आज़ादी
मम्मा लाकर देतीं, एक तिरंगा खादी ।
एक दिन पहले स्कूलों में मिलती हमें बधाई
ये भारत देश का उत्सव है , लड्डू खाओ भाई ।
एक राज़ बताऊँ तुमको , आज़ादी क्या होती ?
उस दिन अपनी छुट्टी, पूरे दिन की होती ।
रूचि शुक्ला
आज देश में लगा हुआ है आज़ादी का मेला
आसमान को चूम रहा, झंडा एक अकेला ।
पापा कहते अंग्रेजों से आज मिली आज़ादी
मम्मा लाकर देतीं, एक तिरंगा खादी ।
एक दिन पहले स्कूलों में मिलती हमें बधाई
ये भारत देश का उत्सव है , लड्डू खाओ भाई ।
एक राज़ बताऊँ तुमको , आज़ादी क्या होती ?
उस दिन अपनी छुट्टी, पूरे दिन की होती ।
रूचि शुक्ला

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